ग्राफिक एरा हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप

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देहरादून 30 जून। जन संघर्ष मोर्चा ने के नेतृत्व में ग्राफिक एरा हॉस्पिटल, धूलकोट देहरादून के खिलाफ तहसील परिसर में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी विनोद कुमार को सौंपा। मोर्चा ने अस्पताल प्रबंधन पर मरीजों के शोषण, अनावश्यक ऑपरेशन कराने, मृत मरीजों के परिजनों से भी अधिक धन वसूलने तथा आयुष्मान योजना में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं।

मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों और उनके परिजनों में भय का माहौल बनाकर ऑपरेशन और महंगे उपचार के नाम पर लाखों रुपये वसूल रहा है। उनका आरोप है कि कई मामलों में ऐसे मरीजों को भी ऑपरेशन के लिए प्रेरित किया जाता है, जिन्हें इसकी आवश्यकता नहीं होती।
नेगी ने एक हालिया मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि माइनर ब्रेन हेमरेज से पीड़ित एक मरीज को तत्काल ऑपरेशन की जरूरत बताकर 25 लाख रुपये जमा कराने की बात कही गई थी। परिजनों द्वारा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने पर बिना ऑपरेशन के लगभग सवा लाख रुपये के खर्च में मरीज का उपचार हो गया और एक सप्ताह में उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
उन्होंने एक अन्य मामले में आरोप लगाया कि एक मरीज की मृत्यु के बाद परिजनों से स्टेंट और अन्य चिकित्सा उपकरणों के नाम पर करीब सवा दो लाख रुपये की मांग की गई। मोर्चा के हस्तक्षेप के बाद कथित रूप से यह राशि घटकर 18-20 हजार रुपये रह गई और परिजनों को शव सौंपा गया।मोर्चा ने आरोप लगाया कि अस्पताल में सिफारिश विहीन तथा बाहरी राज्यों से आने वाले मरीजों से भी अत्यधिक शुल्क वसूला जाता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी उपचार दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की भी जांच कराने की मांग उठाई गई।ज्ञापन के माध्यम से मोर्चा ने राज्य सरकार से अस्पताल की कार्यप्रणाली, आयुष्मान योजना में कथित अनियमितताओं और मरीजों से की जा रही कथित वसूली की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगा।प्रदर्शन में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

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