
देहरादून, 22 जून। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से पुराने शिक्षकों को छूट देने और पुरानी पेंशन बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों ने रविवार को परेड ग्राउंड में विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद शिक्षकों ने रैली निकालकर सचिवालय कूच किया और सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
प्रदेश के सभी 13 जिलों से पहुंचे शिक्षकों ने सभा में कहा कि देशभर में आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। उत्तराखंड के शिक्षक भी इसी मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। वक्ताओं ने एक स्वर में पुराने शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से बाहर रखने की मांग की।
प्रांतीय तदर्थ समिति के पदाधिकारी मनोज तिवारी ने धरना-प्रदर्शन को सरकार के लिए चेतावनी बताते हुए कहा कि यदि शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और उनका अपमान जारी रहा तो इसके दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की।सभा में टीईटी से छूट, पुरानी पेंशन बहाली तथा अन्य लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर कूच किया।रैली के संयोजक धर्मेंद्र रावत ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में दिगंबर सिंह नेगी, जितेंद्र सिंह वाल्दिया, दीपक सजवान, पूरन बोरा, वीरेंद्र सिंह कटायत, दीपक सिंह रावत, अश्वनी कुमार चौहान, विनोद रतूड़ी, उत्तम सिंह फर्त्याल, देवेंद्र सिंह चौधरी, प्रीतम बर्त्वाल, देवेश डोभाल, चंद्रवीर सिंह नेगी, मनोज जुगरान, किशोर जोशी, विक्रम सिंह झिंगवान, जयदेव राणा, रूपक पुरी, दिनेश चंद्र भट्ट, हेमेंद्र चौहान, जगदीश भंडारी, मनीष राणा, विजेंद्र पवार और वीपुल भंडारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश चंद जोशी ने किया।








