
देहरादून 1 जून ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, कुंभ मेला-2027 की तैयारियों, सड़क निर्माण, बाढ़ सुरक्षा कार्यों, विद्युत परियोजनाओं तथा सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल 191 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले के रायपुर विधानसभा क्षेत्र में सांग नदी के चैनलाइजेशन कार्य हेतु 3.62 करोड़ रुपये तथा विकासनगर कॉलोनी में नलकूप निर्माण के लिए 63.62 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। वहीं हरिद्वार में पुराना दिल्ली-नीतिपास राज्य मार्ग एवं लोक निर्माण विभाग के अधीन विभिन्न आंतरिक मार्गों के निर्माण के लिए 21.64 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
टिहरी जिले के नरेंद्रनगर स्थित बाह्य न्यायालय परिसर में कर्मचारियों के आवास निर्माण, हरिद्वार स्थित राजकीय विशेष गृह में सुरक्षा भवन निर्माण तथा विभिन्न विभागों की अन्य परियोजनाओं के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है। पर्यटन विभाग के अंतर्गत नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर स्थित मोहन बाजार में कार पार्किंग निर्माण हेतु 9.89 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड को आरडीएसएस योजना के तहत संचालित कार्यों के लिए 70 करोड़ रुपये जारी करने के साथ ही निर्माणाधीन योजनाओं हेतु 25 करोड़ रुपये की अंशपूंजी तथा विद्युत लाइनों को शिफ्ट करने के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार में प्रेमनगर आश्रम गंगा घाट के सौंदर्यीकरण के लिए 1.50 करोड़ रुपये तथा ऋषिकेश के वीरभद्र बैराज से चंडी घाट हरिद्वार तक सड़क मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए 4.68 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त ऋषिकेश की आस्था पथ परियोजना के सौंदर्यीकरण हेतु 35.78 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बागेश्वर जिले के कांडा क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के लिए 5.41 करोड़ रुपये तथा सितारगंज में पर्वतीय विकास भवन के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए 80 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। साथ ही पिथौरागढ़ और टिहरी जिलों में धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों के लिए भी धनराशि मंजूर की गई है।
सरकार का कहना है कि इन स्वीकृतियों से राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, कुंभ-2027 की तैयारियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और विकास गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।








