देहरादून। यूनियन म्यूचुअल फंड ने ‘अर्थया एसआईएफ’ के तहत अपनी नई निवेश रणनीति लॉन्च करने की घोषणा की है। यह पहल भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा हाल ही में पेश किए गए एसआईएफ (Specialized Investment Fund) फ्रेमवर्क के अंतर्गत कंपनी की एंट्री को दर्शाती है।
‘अर्थया’ शब्द संस्कृत के ‘अर्थ’ से प्रेरित है, जिसका अर्थ है “उद्देश्य-आधारित संपत्ति”। इस अवधारणा के जरिए यूनियन म्यूचुअल फंड निवेशकों को उनकी दीर्घकालिक वित्तीय जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और मूल्य-आधारित निवेश समाधान प्रदान करना चाहता है।इस श्रृंखला की पहली पेशकश ‘अर्थया इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड’ है, जिसे एक गतिशील निवेश रणनीति के रूप में पेश किया गया है। इसका उद्देश्य केवल तेजी वाले बाजार में ही नहीं, बल्कि हर प्रकार के बाजार चक्र में बेहतर और संतुलित रिटर्न प्रदान करना है। यह फंड 4 मई से 18 मई 2026 तक न्यू फंड ऑफर (NFO) के रूप में निवेश के लिए खुला रहेगा।कंपनी के सीईओ मधु नायर ने कहा कि वर्तमान समय में निवेशकों के पास या तो पारंपरिक ‘लॉन्ग-ओनली’ फंड होते हैं या फिर महंगे वैकल्पिक निवेश विकल्प, जो सभी के लिए सुलभ नहीं होते। ‘अर्थया एसआईएफ’ इन दोनों के बीच की खाई को पाटने का प्रयास है, जो एक विनियमित ढांचे में लचीली और जोखिम-संतुलित निवेश रणनीति प्रदान करता है।
यह रणनीति लॉन्ग इक्विटी पोजीशन्स के साथ डेरिवेटिव्स के माध्यम से चयनित शॉर्ट एक्सपोज़र को जोड़ती है, जिससे गिरते बाजार में जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। इस दोहरे दृष्टिकोण से निवेश पोर्टफोलियो को विभिन्न बाजार परिस्थितियों में बेहतर संतुलन और स्थिरता मिलती है।एसआईएफ इन्वेस्टमेंट लीड राजेश अयनोर के अनुसार, इस रणनीति का मुख्य आधार उन कंपनियों की पहचान करना है जिनकी वास्तविक स्थिति और बाजार मूल्य में अंतर होता है। लॉन्ग पोर्टफोलियो मजबूत आय संभावनाओं वाली कंपनियों पर केंद्रित रहता है, जबकि शॉर्ट पोर्टफोलियो कमजोर या ओवरवैल्यूड कंपनियों को लक्षित करता है।कुल मिलाकर, ‘अर्थया एसआईएफ’ के माध्यम से यूनियन म्यूचुअल फंड निवेशकों को एक अधिक लचीला, संतुलित और जोखिम-समायोजित निवेश विकल्प देने की दिशा में आगे बढ़ा है।






