
देहरादून 29 अप्रैल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उत्तराखंड वन विकास निगम के “रजत जयंती समारोह” में प्रतिभाग करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुमाऊं मंडल में भी वन विकास निगम का कार्यालय खोलने की घोषणा की। साथ ही मौन पालन (बी-कीपिंग) को बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स स्थापित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन विकास निगम के उन कर्मचारियों के बच्चों को सम्मानित किया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड वन विकास निगम राज्य की इकोनॉमी के साथ-साथ इकोलॉजी के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण संस्था है। निगम वैज्ञानिक वन प्रबंधन, वन उपज के टिकाऊ दोहन, आरक्षित वन क्षेत्रों में खनन, इको-टूरिज्म संचालन और प्रमाणित लकड़ी की सरकारी आपूर्ति जैसे कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि निगम केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सूखे, मृतप्राय और उखड़े हुए पेड़ों को हटाकर नए वन विकसित करने और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “हिमकाष्ठ” मोबाइल एप्लीकेशन का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से वन विकास निगम से लकड़ी की बिक्री और फॉरेस्ट गुड्स की ऑनलाइन नीलामी की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम की आधुनिक ई-नीलामी प्रणाली और ऑनलाइन प्रक्रियाएं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत कर रही हैं।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वन विकास निगम ने 25 वर्षों की यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले वर्ष निगम ने 167 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो साफ नीति और नीयत का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के घने जंगल, ऊंचे पर्वत, विशाल ग्लेशियर, पवित्र नदियां और समृद्ध जैव विविधता राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। इनकी रक्षा करना वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में “इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी” के बीच संतुलन बनाकर विकास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे जंगल सफारी या धार्मिक स्थलों की यात्रा के दौरान गंदगी न फैलाएं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह छोटा कदम बड़ा बदलाव ला सकता है।
वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में इकोनॉमी और इकोलॉजी के समन्वय के साथ वन संरक्षण की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में वन विकास निगम ने 627 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है और निगम नवाचारों पर विशेष ध्यान दे रहा है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्री मोहन सिंह बिष्ट, श्री सुरेश गड़िया, श्री प्रमोद नैनवाल, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक श्री रंजन कुमार मिश्र, सचिव श्री सी. रविशंकर और वन विकास निगम की प्रबंध निदेशक श्रीमती नीना ग्रेवाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।







