विश्व ऑटिज्म दिवस पर समावेशी शिक्षा को लेकर नई पहल

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देहरादून 01 अप्रैल ।विश्व ऑटिज्म दिवस के अवसर पर मायरा केयर फाउंडेशन ने Shine Avi Learning USA के सहयोग से देहरादून स्थित प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर ऑटिज्म से जुड़े बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा और विशेष सेवाओं को लेकर नई पहल की जानकारी दी।

फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. निशांत नवानी ने बताया कि संस्था ने भारत का अपनी तरह का पहला समग्र शिक्षण केंद्र स्थापित किया है, जो ऑटिज्म स्पेक्ट्रम पर आने वाले बच्चों के साथ-साथ अन्य न्यूरोलॉजिकल और विकासात्मक चुनौतियों से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए समर्पित होगा। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में एक ही छत के नीचे प्रारंभिक हस्तक्षेप, व्यक्तिगत शिक्षा, सामाजिक और जीवन कौशल विकास के साथ किशोरों और वयस्कों के लिए संरचित स्वतंत्र कार्य प्रणाली जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की रिवर्स माइग्रेशन योजना के अनुरूप है और उत्तराखंड सरकार के प्रवासी प्रकोष्ठ के सहयोग से आगे बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य राज्य में समावेशी और सतत बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है, ताकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर अवसर मिल सकें।
फाउंडेशन की संचालन प्रमुख अनीता थपलियाल ने बताया कि ऑटिज्म शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में दो दशक से अधिक के अनुभव के आधार पर उन्होंने एक विशेष समय-आधारित शिक्षण मॉडल विकसित किया है। इस मॉडल के तहत प्रमाण-आधारित और संरचित कार्यक्रम तैयार किए गए हैं, जो ऑटिज्म और अन्य विकासात्मक चुनौतियों वाले बच्चों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपनी क्षमता विकसित करने में मदद करेंगे।फाउंडेशन की सह-संस्थापक और मनोचिकित्सक डॉ. जया नवानी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों के क्षेत्र में उनके अनुभव के आधार पर इस पहल को मजबूत चिकित्सकीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।इस अवसर पर बताया गया कि Shine Avi Publications Pvt. Ltd. द्वारा समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विजुअल आधारित पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है, जिसमें 2700 से अधिक पुस्तकें शामिल होंगी। यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से उन बच्चों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें पारंपरिक शिक्षण पद्धति से सीखने में कठिनाई होती है।संस्था ने बताया कि Shine Avi एक स्टार्टअप के रूप में Swami Rama Himalayan University के इनक्यूबेशन सेंटर ACIC-SIIC में इन्क्यूबेशन सहायता के लिए विचाराधीन है। ऑनबोर्डिंग के बाद संस्था का उद्देश्य अपने प्रयासों का विस्तार करना और ऑटिज्म के क्षेत्र में नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करना है।
फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ऑटिज्म से जुड़े बच्चों और युवाओं की क्षमताओं को पहचानते हुए उन्हें सम्मान, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों के साथ समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

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