
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की अभिनव पहल—पहली बार प्रकाशित हुआ पंचांग कैलेंडर
देहरादून 19 मार्च ।हिन्दू नववर्ष के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने तथा जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि अपनी सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की परंपराएं केवल आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे में पंचांग कैलेंडर का प्रकाशन इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।उन्होंने कहा कि यह पंचांग कैलेंडर राज्यवासियों को तिथि, वार, पक्ष, मास, पर्व एवं विशेष दिवसों की सटीक जानकारी देने के साथ-साथ पारंपरिक त्योहारों, व्रतों और धार्मिक आयोजनों की महत्ता से भी अवगत कराएगा। इससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से और अधिक गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा।मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पंचांग में देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था स्थलों को विशेष रूप से स्थान दिया गया है, जो न केवल श्रद्धा के केंद्र हैं बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक भी हैं। इस तरह यह कैलेंडर एक जानकारीपरक दस्तावेज होने के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाला प्रेरणादायक संकलन भी है।मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह पंचांग कैलेंडर राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी सिद्ध होगा और भविष्य में इसे और अधिक समृद्ध एवं व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।इस अवसर पर सचिव , महानिदेशक सूचना सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।







