देहरादून 08 मार्च
। जिला रेडक्रॉस शाखा देहरादून के द्वारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास बनियावाला में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि स्वास्थ्य महानिदेशक उत्तराखंड सुनीता टम्टा ने कहा कि
। जिला रेडक्रॉस शाखा देहरादून के द्वारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास बनियावाला में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि स्वास्थ्य महानिदेशक उत्तराखंड सुनीता टम्टा ने कहा किअंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस पावन अवसर पर इस वर्ष की थीम है दान करके लाभ प्राप्त करें। जिसका अभिप्राय है उदारता सहयोग की भावना को बल देना है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक उपलब्धियां का जश्न मनाने वाला दिन है यह दिन लैंगिक समानता को गति देने का प्रयास करता है सबसे पहले 8 मार्च 1911 को महिला दिवस मनाया गया उसके बाद 1975 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इसे मान्यता प्राप्त की गई और विश्व में इसे धूमधाम से मनाया जाता है। महिलाओं में लैंगिक समानता के लिए प्रेरित करने का प्रयास करना है। अति विशिष्ट अतिथि डॉ एस फारूख आज भी समाज में कई जगह महिलाओं को भेदभाव हिंसा और असमानता का सामना करना पड़ता है इसलिए हम सब प्रयास करते हैं कि हम महिलाओं को सम्मान दें। बराबरी का अधिकार दें उनके सपनों को पूरा करने में उनका साथ दें। रेडक्रॉस के राज्य महासचिव डॉ जे एन नौटियाल ने कहा कि महिलाओं के लिए देश में कानून का विशेष योगदान है जिसमें महिला और पुरुषों को समान माना गया है महिलाओं में सर्जन पोषण और परिवर्तन की असीम शक्ति है। आज महिलाएं स्टार्टअप खोल रही हैं आपने अमेजॉन पर नमक वाली का नाम सुना होगा जिन्होंने उत्तराखंड में सिलबट्टे का नमक बना कर पहाड़ी लूंण बनाया और आज प्रतिष्ठित होटल और प्रतिष्ठानों में उनका नमक बिक रहा है जो हम सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है ऐसी ही क महिलाएं आज आर्थिक गुलामी से मुक्त हो रही हैं 2005 से बेटी को संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार प्राप्त हैं । मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ सोना कौशल गुप्ता ने कहा कि आज बात करते हैं अंतरराष्ट्रीय थीम की जो गिव टू गेन पर आधारित है अर्थात दान करके लाभ प्राप्त करें आप सभी बालिकाएं सहयोग एवं उदारता को भली-भांति समझते हैं आप घर से दूर छात्रावास में रहती हैं आपस में सहयोग एवं एक दूसरे की मदद करती हैं पारस्परिक सहयोग और समर्थन की शक्ति पर यह थीम बल देती है एक व्यक्ति के रूप में प्रतिभा को उजागर करना भेदभाव को मिटाना आगे चलकर अपने आसपास की बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करना अपने समाज देश का नाम रोशन करते हुए महिलाओं की सफलता का जश्न मनाना। उन्होंने कई संस्करण सुनते हुए बालिकाओं को अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। जिला रेडक्राॅस शाखा देहरादून के चेयरमैन डॉ एम एस अंसारी ने कहा कि अपने गांव परिवार में जाकर अपना ज्ञान और कौशल को परिवार में गांव में बताना ताकि अन्य बालिकाएं एवं समाज प्रेरित होकर आगे बढ़े। आपकी इस गतिविधि से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की अवधारणा को बल मिलेगा एवं स्वस्थ नारी सशक्त परिवार की अवधारणा भी स्पष्ट होगी महात्मा गांधी जी ने कहा है यदि एक पुरुष पढ़ता है तो एक ही पुरुष शिक्षित होता है लेकिन एक नारी शिक्षित होती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है आज हम यहां खड़े हैं तो उन सभी क्रांतिकारी महिलाओं को याद करना नहीं भूलेंगे जिनके त्याग और शौर्य के बल पर हम सफल हुए उनमें वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना तीलू रौतेली गौरा देवी , अहिल्याबाई होलकर, बिजेंद्री पाल इत्यादि।आओ हम सभी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बने ।सभी को महिला दिवस की हार्दिक बधाई खूब पढ़ो खूब बढ़ों।रेडक्राॅस के चेयरमैन एम एस अंसारी की अध्यक्षता और जिला सचिव कल्पना बिष्ट के संचालन में हुए कार्यक्रम में रेडक्रॉस के कोषाध्यक्ष मोहन खत्री आजीवन सदस्य डाॅ जितेंद्र सिंह बुटोइया डॉ शिफाअत अली पुष्पा भल्ला अनामिका सोनी गुप्ता जाहिद हुसैन सुधा चौहान संजू धीमान खुशी चौहान भूपेंद्र शालू जैन विनोद सहित छात्रावास की वार्डन एवं समस्त स्टाफ सहित 153 छात्राएं उपस्थित रही। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण हेतु महिलाओं को रेडक्रॉस का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।
Author: Day Night Khabar
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