
देहरादून, 5 दिसंबर 2025। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री आवास में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित “पेंशन किश्त वितरण” कार्यक्रम में राज्यभर के पेंशन लाभार्थियों के हित में कई अहम निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन हर माह की 5 तारीख तक लाभार्थियों के बैंक खातों में अनिवार्य रूप से पहुँचाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘वन क्लिक’ प्रणाली के माध्यम से नवंबर 2025 की 13,982.92 लाख रुपये की पेंशन किश्त का भुगतान करते हुए 9,38,999 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभान्वित किया। उन्होंने विभाग को पेंशन वितरण प्रणाली को और सरल, तेज़ और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ राज्य के सबसे कमजोर वर्गों के लिए जीवनरेखा हैं, इसलिए उनकी पारदर्शिता, सत्यापन और समयबद्ध क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेंशन योजनाओं का आंतरिक ऑडिट नियमित रूप से किया जाए, ताकि किसी भी अयोग्य व्यक्ति को लाभ न मिले। उन्होंने समान प्रकृति वाली सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को इंटीग्रेशन के माध्यम से एकीकृत करने और डुप्लीकेसी को समाप्त करने के निर्देश भी दिए।
साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के सरकारी कार्यक्रमों और समारोहों में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्मृति-चिह्न या उपहार में उत्तराखंड के उत्पादों का ही उपयोग किया जाए। बुके की जगह ‘बुक’ देने की नई परंपरा समय, धन और संसाधन की बचत वाला नवाचार है। उन्होंने सभी कार्यक्रमों को अधिक सादगीपूर्ण बनाने पर भी जोर दिया, जो सुशासन और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, किसान पेंशन, परित्यक्ता पेंशन, भरण-पोषण अनुदान, तीर्थ पुरोहित पेंशन और बौना पेंशन जैसी आठ योजनाओं के अंतर्गत 9.38 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रतिमाह पेंशन डीबीटी प्रणाली से सीधे खातों में भेजी जा रही है। डिजिटल लेन-देन की यह व्यवस्था पारदर्शिता और सुशासन के लिए महत्वपूर्ण कदम है और लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति देती है।
विभाग द्वारा संचालित इन सभी योजनाओं के लिए प्रतिवर्ष 13,982.92 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जो राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पेंशन प्रणाली डिजिटल इंडिया के अनुरूप एक आदर्श मॉडल बन चुकी है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर सेवा सुनिश्चित हो रही है।
कार्यक्रम में सचिव श्रीधर बाबू अदाकी, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनसेवा ही शासन का वास्तविक उद्देश्य है और पेंशन योजनाओं को और बेहतर बनाना सरकार की निरंतर प्राथमिकता रहेगी।









