रिस्पना–विंदाल और आशारोड़ी–झाझरा एलिवेटेड कॉरिडोर पर तेज हुई कार्रवाई, डीएम बोले—समयसीमा में पूरा हो काम

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देहरादून, 04 दिसंबर । राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और सुगम यातायात व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित रिस्पना–विंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर तथा एनएच-7 पर आशारोड़ी–झाझरा एलिवेटेड परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने कार्यवाही और तेज कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने गुरुवार को ऋषिपर्णा सभागार में दोनों परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों को सख्त निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में हर हाल में पूरी की जाएं।

बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि रिस्पना–विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में से एक है और इसके लिए नगर निगम व एमडीडीए अपनी-अपनी भूमि का पूरा रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध कराएं। उन्होंने सर्वेक्षण समिति को निर्देश दिए कि प्रभावित भूमि और संरचनाओं का विभागवार विस्तृत ब्यौरा शीघ्र तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। लोनिवि और राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया कि वे मौके पर तैनात रहते हुए चिन्हित सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों की सूची निर्धारित प्रारूप में तैयार करें, ताकि आगे की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि का विभागवार रिकॉर्ड तैयार होते ही धारा-11 के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना शीघ्र जारी की जाए। इसके साथ ही पुनर्वास और पुनर्स्थापन की प्रक्रिया बिना देरी शुरू की जाए, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए।

एनएच-7 आशारोड़ी–झाझरा एलिवेटेड परियोजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने ईस्ट होप टाउन और आरकेडिया ग्रांट क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा उठाई जा रही आपत्तियों और वन भूमि पर स्थित निर्माणों के प्रतिकर भुगतान में आ रही समस्याओं पर भी गंभीरता से चर्चा की। उन्होंने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसडीएम सदर और विकासनगर के साथ संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करते हुए संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इसी क्रम में डीएम ने देहरादून–हरिद्वार मुख्य मार्ग पर चल रहे सड़क सुधार कार्य और अवैध अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित एसडीएम पुलिस के सहयोग से समन्वय स्थापित कर कार्रवाई को समयबद्ध ढंग से पूरा करें।

बैठक में लोनिवि अधिकारियों ने प्रस्तुति के माध्यम से एलिवेटेड परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। बताया गया कि रिस्पना कॉरिडोर का अलाइनमेंट तैयार कर NHAI को भेजा जा चुका है और स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। प्रस्तावित रिस्पना कॉरिडोर की लंबाई 10.365 किमी है, जिसमें 49.04 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी। इनमें से 42.89 हे० सरकारी, 4.01 हे० निजी, 2.1 हे० वन भूमि है तथा कुल 1022 संरचनाएं प्रभावित होंगी।
वहीं, बिंदाल कॉरिडोर की लंबाई 14.264 किमी होगी, जिसमें 55.90 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी। इसमें 31.07 हे० सरकारी, 15.67 हे० निजी, 2.22 हे० वन भूमि और 6.92 हे० रक्षा संपदा शामिल हैं। इस कॉरिडोर में 1656 संरचनाएं प्रभावित होंगी।

बैठक में एसएलएओ स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम सदर हरिगिरि, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल, एनएचएआई के आरडी विशाल गुप्ता, लोनिवि के एसई ओपी सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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