नई दिल्ली/देहरादून, 30 नवम्बर 2025 |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में उत्तराखंड के प्रति अपने विशेष स्नेह को अभिव्यक्त करते हुए राज्य में विंटर टूरिज्म, साहसिक खेलों, और डेस्टिनेशन वेडिंग की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने देशवासियों से हिमालय की वादियों का अनुभव लेने का आह्वान करते हुए कहा कि सर्दियों में उत्तराखंड एक अद्भुत पर्यटन अनुभव प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी उत्तराखंड पर्यटन के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में लगभग ढाई मिनट का समय विशेष रूप से उत्तराखंड को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इन दिनों राज्य का विंटर टूरिज्म तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। औली, मुनस्यारी, दयारा और चोपता जैसे गंतव्य सर्दियों में देशभर के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
उन्होंने पिथौरागढ़ में हाल ही में आयोजित हाई ऑल्टीट्यूट अल्ट्रा रन मैराथन का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि 14,000 फीट की ऊँचाई पर आयोजित 60 किमी लंबी आदि कैलाश परिक्रमा रन में 18 राज्यों से 750 से अधिक एथलीट शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने बताया कि जहां तीन वर्ष पहले आदि कैलाश यात्रा पर प्रतिवर्ष सिर्फ 2,000 लोग आते थे, वहीं अब यह संख्या 30,000 तक पहुँच चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले सप्ताहों में उत्तराखंड विंटर गेम्स की मेजबानी करेगा, जिसके लिए देशभर के खिलाड़ी और साहसिक खेल प्रेमी उत्साहित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और होम स्टे नीति पर विशेष ध्यान दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड को उभरते हुए वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सर्दियों में पहाड़ों से उतरते कोहरे और सुनहरी धूप के बीच विवाह आयोजन यादगार अनुभव बन रहे हैं। विशेषकर गंगाजी के तटों पर डेस्टिनेशन वेडिंग की मांग तेजी से बढ़ी है।
उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि यदि वे सर्दियों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो हिमालय की वादियों को अपने विकल्प में अवश्य शामिल करें। हिमालय की वादियां जीवनभर साथ चलने वाले अनुभवों से भर देंगी।
प्रधानमंत्री मोदी की उत्तराखंड यात्राओं ने हमेशा राज्य में पर्यटन को नई गति दी है। उनके केदारनाथ, बद्रीनाथ, जागेश्वर धाम और आदि कैलाश के दौरों के बाद इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में कई गुना वृद्धि देखी गई है।
पिछले वर्ष उत्तरकाशी के मुखबा गांव से प्रधानमंत्री द्वारा शीतकालीन पर्यटन का शुभारंभ किए जाने के बाद हर्षिल घाटी में पर्यटन गतिविधियों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विंटर टूरिज्म को राज्य की नई पहचान बनाने का संकल्प लिया है। सरकार न केवल शीतकालीन यात्रा कार्यक्रम चला रही है, बल्कि वेडिंग डेस्टिनेशन और साहसिक पर्यटन को भी नया आयाम दे रही है। प्रधानमंत्री द्वारा की गई सराहना को मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की नीतियों पर लगी सकारात्मक मुहर बताया।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के सतत विकास और संभावनाओं को विश्व पटल पर रेखांकित करने के लिए समस्त प्रदेशवासी प्रधानमंत्री के आभारी हैं। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के संकल्प के अनुसार उत्तराखंड को प्राकृतिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के मानचित्र पर उभारने के लिए दृढ़ संकल्पित है।”






