
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा — गंगा और राम का है सदियों पुराना आध्यात्मिक संबंध
उत्तरकाशी/देहरादून।
उत्तरकाशी के विकास भवन, लदाड़ी, बाड़ागड्डी मैदान में श्री युवा आदर्श रामलीला समिति, उत्तरकाशी द्वारा आयोजित रामलीला मंचन में गुरुवार को षष्टम दिवस — केवट लीला दिवस का मंचन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस प्रवक्ता एवं श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून के अध्यक्ष अभिनव थापर शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अभिनव थापर, समिति अध्यक्ष महेंद्र नौटियाल, संयोजक देवेंद्र नाथ और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान केवट संवाद, राम-केवट संवाद और सरयू नदी पर नाव का दृश्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। दर्शकों ने लीला के हर दृश्य पर जय श्री राम के उद्घोष लगाए।
मुख्य अतिथि अभिनव थापर ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान रामलीलाओं से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि माँ गंगा और भगवान राम का रिश्ता हजारों वर्षों से जीवंत है, क्योंकि राजा भगीरथ की तपस्या से गंगा का अवतरण हुआ और उसी वंश में भगवान राम का जन्म हुआ। इसलिए गंगा की धरती उत्तरकाशी और श्रीराम का आत्मिक संबंध अविच्छेद्य है।
थापर ने कहा कि 1952 में टिहरी और उत्तरकाशी एक ही जिला हुआ करते थे, और उनकी समिति पुरानी टिहरी की पौराणिक रामलीला को देहरादून में पुनर्जीवित करने के प्रयास में जुटी है, ताकि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
कार्यक्रम में पूर्व कांग्रेस शहर अध्यक्ष दिनेश गौड़, पूर्व सैनिक संगठन उत्तरकाशी के सदस्य तथा क्षेत्रीय कांग्रेस नेताओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समिति के संरक्षक विजेंद्र नौटियाल, सदस्य कमल सिंह रावत सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि अभिनव थापर और अतिथियों को सम्मानित किया।
जय श्री राम के जयघोष के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।








