मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस के 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

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देहरादून, 10 अक्टूबर ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को दून विश्वविद्यालय, देहरादून में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस (IASSI) के 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन में सामाजिक कल्याण, अर्थशास्त्र, रोजगार, उद्योग, कृषि, तकनीकी, पर्यावरण और नगरीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश-विदेश के प्रख्यात विद्वान सार्थक विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस मंथन से राज्य और देश में सामाजिक नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठोस और व्यवहारिक सुझाव प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर निरंतर कार्य कर रहा है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।

उन्होंने कहा कि सौर मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे अभियान और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान जैसी योजनाएं पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही हैं। राज्य सरकार भी सामाजिक न्याय और सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। वृद्धावस्था पेंशन में वृद्धि, पति-पत्नी दोनों को पेंशन देने तथा सभी पेंशन योजनाओं में मासिक भुगतान व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के लिए संकल्पबद्ध है। आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखते हुए सरकार ने इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन के लिए त्रि-स्तंभीय एवं नौ-सूत्रीय नीति लागू की है।

उन्होंने बताया कि राज्य में गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी विकास, वित्तीय समावेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, सौर ऊर्जा क्रांति अभियान, स्मार्ट सिटी मिशन और मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना इन प्रयासों को सशक्त बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग ने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान पर आंका है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने टाटा ट्रस्ट, नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के साथ महत्वपूर्ण एमओयू किए हैं, जिनके माध्यम से जल प्रबंधन, ग्रामीण आजीविका, हरित ऊर्जा, टेलीमेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, जनरेटिव एआई और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में ठोस कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन नवाचारों के माध्यम से उत्तराखंड को सस्टेनेबल डेवलपमेंट का मॉडल राज्य बनाया जाएगा।

इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, IASSI के अध्यक्ष एवं नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी, प्रो. आर.पी. ममगांई, प्रो. आई.सी. अवस्थी, प्रो. अलख शर्मा सहित कई विषय विशेषज्ञ एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।

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