देवभूमि के साथ ही ’’खेल प्रतिभाओं की भूमि’’ के नाम से पहचाना जाएगा उत्तराखण्ड: मुख्यमंत्री।* *खेल के क्षेत्र में हरिद्वार को दी बड़ी सौगात, एचआरडीए के कार्यों को सराहा*
देवभूमि के साथ ही ’’खेल प्रतिभाओं की भूमि’’ के नाम से पहचाना जाएगा उत्तराखण्ड: मुख्यमंत्री।* *खेल के क्षेत्र में हरिद्वार को दी बड़ी सौगात, एचआरडीए के कार्यों को सराहा*
मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त महिला तस्कर को भारी मात्रा में अवैध स्मैक के साथ दून पुलिस ने किया गिरफ्तार।* *अभियुक्ता के कब्जे से 15 लाख रू0 से अधिक मूल्य की 51.26 ग्राम अवैध स्मैक तथा स्मैक बेचकर कमायी गई नगदी हुई बरामद।* *गिरफ्तार अभियुक्ता बरेली से सप्लाई कर देहरादून लाई थी स्मैक* *नशे के आदि व्यक्ति तथा शिक्षण संस्थानों में अध्ययन रत छात्र रहते थे टारगेट* *नशे के अवैध कारोबार में लिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर लगातार व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है अभियान*
जनमानस की समस्या देखने सड़क पर दुपहिया वाहन से निकले डीएम, महिला सुरक्षा एवं सुविधा के दृष्टिगत शहर जल्द दिखेंगे पिंक बूथ एवं पिंक टायलेट, डीएम ने प्रस्ताव प्रस्तुत करने के दिए निर्देश। शहर में सुगम व्यवस्था बनाने हेतु डीएम एवं एसएसपी का संयुक्त निरीक्षण। आईएसबीटी पर सड़क चौड़ीकरण एवं पार्किंग तथा डेªनेज के लिए डीएम ने एनएच से मांगा प्लान। रिस्पना, आईएसबीटी, पिं्रस चौक का डेªनेज प्लान तैयार करने को दिया निर्देशित। नई टेªफिक लाईट हेतु यातयात पुलिस से मांगा प्रस्ताव
*मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी इगास पर्व की बधाई, अपनी लोक परम्पराओं एवं लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का किया आह्वान।*
पेंशनर्स ने जाना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने के तरीके – देहरादून में कई जगहों पर आयोजित हुए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) अभियान 3.0 के तहत कार्यक्रम
उत्तराखंड के दो शहरों में कूड़े से बनने लगी है बिजली* *ईकोलॉजी और इकोनॉमी संतुलन को लेकर रंग ला रहे हैं सीएम पुष्कर सिंह धामी के प्रयास* *वेस्ट टू एनर्जी मॉडल के तहत शहरों में पैदा होने वाले कूड़े से बनने लगी है बिजली और खाद*
यूनेस्को मुख्यालय में ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन* -देहरादून के डाकपत्थर निवासी डॉ एम.के. ओटानी ने पेरिस में दिया मुख्य भाषण -विश्व थेरवाद बौद्ध केंद्र, देहरादून के अध्यक्ष और भारत सरकार के सलाहकार डॉ. एम.के. ओटानी ने मुख्य भाषण दिया -बौद्ध शिक्षाओं के माध्यम से वैश्विक सद्भाव का मार्ग प्रशस्त