मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में राज्य की पारिस्थितिकी को अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिये अधिसूचित जीईपी के आंकलन की दिशा में सकल पर्यावरण उत्पाद सूचकांक ( GEP Index ) का उद्घाटन करने के पश्चात सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि उत्तराखण्ड पर्यावरण एवं जैव विविधता की दृष्टि से सम्पन्न राज्य है एवं राज्य के पास सभी तरह का पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध है। हमारे पास हिमनदों के साथ नदियाँ घने जंगल से लेकर तराई घाटियां एवं हर तरह की भौगोलिक परिस्थितियाँ मौजूद हैं।
मन्दिर/ धाम पर ट्रस्ट या समिति बनाने के खिलाफ पूरे देश मे कार्य करेगा कानून: चौहान दिल्ली और मुंबई मे बने मंदिरों पर कांग्रेस का रवैया दोहरा मापदंड
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आज एक पेड़ मां के नाम अभियान के राष्ट्रीय संयोजक एवं बुलंदशहर से 3 बार के लोकसभा सांसद डाक्टर भोला सिंह ने वृक्षारोपण किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में पारिस्थितिकी को अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए ‘‘उत्तराखण्ड सकल पर्यावरण उत्पाद सूचकांक’’ (जी.ई.पी) लॉच किया। जी.ई.पी का शुभारम्भ करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य है। उत्तराखण्ड सकल पर्यावरण उत्पाद सूचकांक का आंकलन 04 मुख्य घटकों जल, वायु, वन और मृदा के आधार पर किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.ई.पी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक प्रकोष्ठ बनाया जायेगा।
मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग द्वारा और प्रभावी प्रयास किये जाएं। इसके निवारण के लिए सुनियोजित नीति बनाते हुए इस पर गंभीरता से कार्य किया जाए। मानव-वन्यजीव संघर्ष में मृतकों के परिजनों और घायलों को यथाशीघ्र अनुमन्य सहायता उपलब्ध करवाई जाए। जंगलों से लगते जो स्थान बायोफैंसिंग से वंचित रह गए हैंउन स्थानों को अतिशीघ्र बायोफैंसिंग से आच्छादित किया जाए: मुख्यमंत्री
*जीवन में खेल देता है आपको अपार संभावनाएं, जरूरत है खेल की प्रतिभा को निखारने की-रेखा आर्या* *खेल मंत्री हुई उत्तराखंड स्टेट पॉवर लिफ्टिंग चैंपियनशिप- 2024″के शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मलित,बढ़ाया खिलाड़ियों का मनोबल*
पद्मश्री डॉ बसन्ती बिष्ट को गढ़वाली लोकसंगीत में आकाशवाणी द्वारा टॉप ग्रेड प्रदान किया गया , डॉ बसन्ती बिष्ट को विदुषी की उपाधि हुई प्राप्त
कैबिनेट का निर्णय से पुरोहित एवं संत समाज संतुष्ट , राजनीति के बजाय तेलांगना में बन रहे मंदिर की शिकायत अपने सीएम से करने का साहस करें कांग्रेस: महेन्द्र भट्ट