देहरादून, 24 मई 2026।प्रदेश में सम्पन्न सहकारी समितियों के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 98 प्रतिशत बोर्डों पर जीत दर्ज कर अपना दबदबा कायम किया है। क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की इस जीत को विपक्ष के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
प्रदेशभर में कुल 39 सहकारी समितियों में से 38 में चुनाव सम्पन्न हुए, जिनमें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का स्पष्ट वर्चस्व देखने को मिला। विभागीय आंकड़ों के अनुसार संचालक मंडल के लिए कुल 348 प्रतिनिधि निर्वाचित हुए, जिनमें 136 महिलाएं और 212 पुरुष शामिल हैं।जिलेवार परिणामों में ऊधमसिंह नगर में सर्वाधिक 91 संचालक निर्वाचित हुए, जबकि नैनीताल में 49, देहरादून में 38, पौड़ी में 58, उत्तरकाशी में 37, हरिद्वार में 26, टिहरी में 15, पिथौरागढ़ में 14, चम्पावत में 11 तथा अल्मोड़ा में 9 प्रतिनिधि चुने गए।
अध्यक्ष पद के लिए 37 प्रतिनिधि निर्वाचित हुए, जिनमें 16 महिलाएं और 21 पुरुष हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद पर 25 प्रतिनिधियों का चयन हुआ, जिनमें 2 महिलाएं और 23 पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा अन्य संस्थाओं के लिए 418 प्रतिनिधियों का निर्वाचन हुआ, जिनमें 132 महिलाएं और 286 पुरुष शामिल हैं।चुनाव में महिलाओं की भागीदारी और जीत को भी उल्लेखनीय माना जा रहा है।
टिहरी के जौनपुर मगरा तथा हरिद्वार की लंढौर सहकारी समितियों में भाजपा ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 68 वर्षों बाद पहली बार पूरी कार्यकारिणी को निर्विरोध निर्वाचित कराया। इसे सहकारिता क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।सूबे के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत के नेतृत्व में भाजपा ने सहकारी क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन हासिल किया है।अपने बयान में मंत्री ने कहा कि यह प्रचंड जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठन की मजबूती और सरकार की जनहितकारी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को आगे बढ़ाने में सहायक होगी।
चुनाव परिणामों से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि प्रदेश की सहकारी व्यवस्था में भाजपा की नीतियों के प्रति लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।








