मानसून से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश

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देहरादून 07 मई। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में विभागों एवं जिलों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी सड़कें गड्ढामुक्त कर दी जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। वर्तमान में चारधाम यात्रा संचालित होने के कारण आने वाले महीने बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रहेंगे, इसलिए सभी रेखीय विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में काम करना होगा।मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं बिजली और पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और पेयजल लाइनों की समय रहते मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा ताकि बारिश के दौरान सेवाएं लंबे समय तक बाधित न हों।
उन्होंने शहरी विकास विभाग, नगर निकायों और जिलाधिकारियों को नालों-नालियों की नियमित सफाई कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जलभराव की स्थिति किसी भी हालत में नहीं बननी चाहिए। नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा बनने वाले अतिक्रमण और अवरोध हटाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन और आरबीएम हटाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कटाव और बाढ़ से आबादी तथा आधारभूत संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे। संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती, बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण और बाढ़ संभावित इलाकों में नाव-बोट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, खाद्यान्न, डीजल और पेट्रोल सहित आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा की स्थिति में राहत सामग्री वितरण के लिए पहले से विस्तृत रणनीति तैयार करने पर भी जोर दिया।स्वास्थ्य विभाग को मानसून के दौरान संभावित जलजनित और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने, फॉगिंग अभियान चलाने तथा हेली एम्बुलेंस सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

हाइड्रोमेट सेंसर और डॉप्लर रडार पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने हाइड्रोमेट सिस्टम, सेंसर और सेटेलाइट फोन की नियमित टेस्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी अलर्ट और चेतावनियां समय पर आमजन तक पहुंचना बेहद जरूरी है। इसके लिए सचेत एप और सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के अधिक उपयोग पर जोर दिया गया।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में फिलहाल 525 हाइड्रोमेट सेंसर सक्रिय हैं। वर्तमान में 3 डॉप्लर वेदर रडार संचालित हैं और 3 नए रडार लगाए जाने प्रस्तावित हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ में रेडियो सांडे और रेडियो विंड सिस्टम स्थापित करने की योजना भी तैयार की जा रही है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का अधिक सटीक पूर्वानुमान मिल सकेगा।
फर्जी वीडियो फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्य सचिव ने आपदा से जुड़े फर्जी और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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